अमेरिका और Iran के बीच जारी सैन्य टकराव अब निर्णायक स्थिति की ओर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने हालिया संबोधन में संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ चलाया गया अभियान अपने मुख्य लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर स्थिति नहीं बदली, तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ पर क्या बोले ट्रंप व्हाइट हाउस से दिए गए भाषण में ट्रंप ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” को सफल करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान अमेरिकी सेना ने तेज और प्रभावी कार्रवाई करते हुए ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उनके अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य ईरान की रणनीतिक ताकत को कम करना और उसके खतरनाक नेटवर्क को कमजोर करना था। सैन्य ढांचे पर बड़ा असर ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने से उसकी युद्ध क्षमता पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता में गिरावट आई है, जिससे भविष्य के हमलों का खतरा घटा है। परमाणु नीति पर सख्त रुख अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने 2015 के परमाणु समझौते से हटने के फैसले को सही ठहराया। उनका मानना है कि इस फैसले ने संभावित बड़े खतरे को टालने में मदद की। ट्रंप के मुताबिक, अगर पहले की नीति जारी रहती, तो हालात और गंभीर हो सकते थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में हालात और बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बातचीत के लिए आगे नहीं आता, तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है। कुछ महत्वपूर्ण ठिकानों को अभी तक निशाना नहीं बनाया गया है, लेकिन भविष्य में यह विकल्प खुला है। Post Views: 32 Post navigation कमल कौर भाभी हत्याकांड में बड़ी सफलता: मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों UAE से गिरफ्तार, भारत लाया गया